असह्य

कुछ बाते बार बार आती है याद बाते कडवी कडवी कहानीयां हरपल हर सांस घुमती रहती है इर्दगिर्द आसपास सो भी जाती है मेरे ही साथ मेरे साथ ही जाग जाती है निंद खुलतेही जोश मे आकर चुभने लगती है बार बार ना भाग सकता हु ना छुप सकता हू अपने आप को न छोड … Read more