सन्नाटा

सन्नाटा

कोई एक बात हो

जो बताए तुम्हे

तकल्लूफ अपनी

क्या बयान करे

होता है हरपल

दर्द सीनेमे

पर जहनमे नही

उलझन कोई

बंदिश नही है

मेरी सोच पर

पर खयाल है जो

अब आते नही

बेहरकत है सतह जज्बातो की आजकल

और गहराईयों मे

सन्नाटा है

©️ShashikantDudhgaonkar

Leave a Comment

Discover more from

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading