मेले

ऊम्र भर वो चले गमे तनहाई के साथ ना साथी ना हमसफर न कोई परछाई मरने के बाद लगे हमदर्दो के मेले कितने है सच्चे कितने तमाशाई ©️ShashikantDudhgaonkar