Hindi poems
लमहे
लमहे साल बदलते देखे हमने गुजरे बहोत है बाकी कम है अब गिनती उनकी कर लेता हूं रूक जाता हूं सवालो से बाकी कम है कितना कम है साल गिनू या माह मै या गिनू मै उनको लमहो मे हांथो की उंगलियो पर ©️ShashikantDudhgaonkar
खुशनसीब
खुशनसीब निकली बात उनकी की तो मै दो लब्जो मै कह देता हूं खुशनसीब हूं के उनके संग ही जिंदगी बसर कर लेता हूं ©️ShashikantDudhgaonkar
जिंदगी
चंद लम्हे हसीं के कुछ सांसे मिली उधार यारों की साथ थोडी कुछ अपनों का प्यार शुक्रगुजार हूं मै के मुझे जो भी मिला अपना ही मिला ©️ShashikantDudhgaonkar
चीखना चिल्लाना
क्यो चीख कर बाते करते है लोग या उंचा ही आजकल सुनते है लोग या बढ गये फासले दुरीया इतनी के आवाज भी नही पहुंचती उन तक ©️ShashikantDudhgaonkar
किरदार
निभाए हमने सारी उम्र किरदार इतने कितने अंदाज के गवां बैठे अपने आप को किरदारो की परतो मे लाती है उलझन अब अक्सर तनहाई के शक्स आखिर मै हूं कौन ©️ShashikantDudhgaonkar
पतंग
उडतीं पतंग को इल्म ना खबर कटकर उसे गिरना है कहीं हम सब भी शायद पतंग है उसकी उडाकर हमे जो मजे लेता है आसमान मे खुलकर कुछ पल उडकर खुश हो जाते है हम पागल सभी ©️ShashikantDudhgaonkar
अनसुनी कहानी
छुप जाते है चेहरे पर दर्द सारे सुख जाते है अश्क आंखोंमे निकल ना पाए ओठोसे वो लब्जो की कहानी कौन सुने ©️ShashikantDudhgaonkar
New Year
हम ही से बाते हम कब करेंगे और कितने साल बदलते देखेंगे ©️ShashikantDudhgaonkar Translated to English the above couplet roughly means , “ when are we going to talk with ourselves, till when are we going to just watch the year changing” Happy New Year ! Wish 2021 brings Good Times, Lots of Love and … Read more