कुछ बाते

कुछ बाते कहानियों के दौर मे नही मिलती हकीकत क्यों नफरतो के सांए मे सुकून ढूंढ रहे है लगाई है आग कश्तीयो मे उसने और समंदर है यहां जो जलने लगे है वो कहते है सच सिर्फ हम कहते है वो कहते है झुठ बाकी सब और है सोचते है हम बांतो का क्यां पर … Read more