छत, दीवारें और रिश्तें

छत, दीवारें और रिश्ते | हिंदी कविता | Shashikant Dudhgaonkar Home › Poetry › हिंदी कविता छत, दीवारें और रिश्ते कौन इस घर की देखभाल करे रोज एक चीज टूट जाती है चालाक है सभी साकिन यहां फिर भी क्यों टूट जाती है जोड़कर हर एक कोना चार दीवारें जो बनाईं हैं खामी रह गयी … Read more

मै अधमरासा

मै अधमरासा सवालो के सागर मे डूब रहा हू तैर भी रहा हूं ना जिंदा ना मुर्दा मै अधमरासा रोशनीके साये मे अंधेरोके उजाले मे ना मर रहा हू ना जी रहा हू मै अधमरासा ऐसा नही के दिलमे ख्वाहिशे ही नही पर उम्मीद ना रही अब ना काबीले बर्दाश्त जिंदगीसे शक्ले सुरतसे भी दिनबदिन … Read more

साकी

साकी है और भी दोस्त मैखाने मे पैमाने क्यों है कम यहा दिल्लगी के मौसम मे चंद यार छुपे है जाने कहां कुछ गम है, करो बयान कोई रंज हो, करो ऐलान मिल जाएंगा हल, हर मसले का साकी है जब, अपना यार ©️ShashikantDudhgaonkar

दुविधा

दुविधा ना जाने कब सराहतसे से होंगा सामना ये उंट क्यो रूक जाते है, पहाड के नीचे आते आते हादसो का सिलसिला है के, कभी थमता ही नही सारी उम्र गुजर जाती है, एक अरमान पुरा होते होते आसान है यह कहना, निहायत जज्बाती हूं मै नही बिकती है सख्ती, यहां सदमो की बाजार मे … Read more

अपने हिसाब से

अपने हिसाब से मैखाने है बहोत दोस्त भी है साकी सभी जाहीर परस्त तो नही नशेमन भी नही हूं यारो पर क्यां करे जब दावते आने से कभी रूकती नही अकेले भी रह लेता हूं होती है जब यारी अपने कमरेसे कभी कभी तनहाई पसंद तो नही गमगीन भी नही यारो पर क्यां करे जब … Read more

महफिल

महफिल हो गयी है महफिले बरखास्त सभी दावत कोई अब आती नही मा’मूल की लत लग गयी यारोको दाइरा-ए-नज़र कोई उठाता नही ©️ShashikantDudhgaonkar Loosely translated in English Parties Friends don’t meet Parties have ended Invitation or calls Have dried out Friends, busy and lost In life’s routine Don’t raise their eyes To look beyond The … Read more

परछाई

परछाईं कोई जिद ना करे हमे रोशन करने की आदत होने लगी है अब हमे अंधेरो की देखे उजियालो मे तो क्या देखे हम बेबसी के साए बेहूदा जश्न का आलम है जश्न थोडासा बहोत है रंज परछाई दोनोकी यहां हमसफर राहे खोयी सी नही मंझीले का जिक्र परछाई माजी की छाई मुकद्दर पर ©️ShashikantDudhgaonkar

तनहा/Insomnia

अपने आचल मे चुपा कर मुझे आगोश मे ले लो ऐ निंद मैने कई राते तनहा गुजारी है. ©️ShashikantDudhgaonkar Translation will go somewhat like this Hiding me in your veil Hold me close Hey sleep, I have spent A lot many nights All alone ©️ShashikantDudhgaonkar