अपने हिसाब से
अपने हिसाब से मैखाने है बहोत दोस्त भी है साकी सभी जाहीर परस्त तो नही नशेमन भी नही हूं यारो पर क्यां करे जब दावते आने से कभी रूकती नही अकेले भी रह लेता हूं होती है जब यारी अपने कमरेसे कभी कभी तनहाई पसंद तो नही गमगीन भी नही यारो पर क्यां करे जब … Read more