मै अधमरासा

मै अधमरासा

सवालो के सागर मे

डूब रहा हू

तैर भी रहा हूं

ना जिंदा ना मुर्दा

मै अधमरासा

रोशनीके साये मे

अंधेरोके उजाले मे

ना मर रहा हू

ना जी रहा हू

मै अधमरासा

ऐसा नही के दिलमे

ख्वाहिशे ही नही

पर उम्मीद ना रही अब

ना काबीले बर्दाश्त जिंदगीसे

शक्ले सुरतसे भी

दिनबदिन

दिख रहा हूं

मै अधमरासा

©️ShashikantDudhgaonkar

4 thoughts on “मै अधमरासा”

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