बादलो की दुनिया

बादलो की दुनिया अजिब इत्तेफाक है के जब भी खयाल आता है दिल मे तुम सामने चली आ जाती हो सोच रहां हूं जान कैसे लेते हो तुम मेरी मुराद शायद तुम भी रहते होंगे बादलो की दुनिया मे ©️ShashikantDudhgaonkar Dreamy clouds It’s such a coincidence That whenever I think of you You arrive somehow … Read more

बंद आंखे

बंद आंखे बदल गये है हालात यहां कुछ ऐसे आजकल के भरी दोपहर मे आती है रात अचानक उभरकर हम कहते नही है झुठ देखों आप झांककर बंद आंखोपर लगी हुई पट्टीयां फाडकर उडते नही अब पंछी यहा फिजा खाली खाली है सुकून ढूंढ रहे है, वोह अब सय्यादोके जाल पर हम कहते नही है … Read more

वजह

वजह हर रोज मिलती है कोई वजह जीने की कभीं तुम मिलती हो कभीं तुम्हारी याद ©️ShashikantDudhgaonkar Roughly translated in English I find a reason To survive everyday Sometimes it’s you Sometimes your thoughts ©️ShashikantDudhgaonkar

कुछ बाते

कुछ बाते कहानियों के दौर मे नही मिलती हकीकत क्यों नफरतो के सांए मे सुकून ढूंढ रहे है लगाई है आग कश्तीयो मे उसने और समंदर है यहां जो जलने लगे है वो कहते है सच सिर्फ हम कहते है वो कहते है झुठ बाकी सब और है सोचते है हम बांतो का क्यां पर … Read more

आशियाना

आशियाना उलझे हुएं खयाल सुलझते नही अंधेरे है के हटते नही खौफ नही है अब गुम हो जाने का कही राह निकल आए यही इक डर है ये नही के ढुंढ रहां हूं आशियाना यहां पर कभी ना कभी तो ठहर जाना है कही ना कही तो रूक जाना है | ©️ShashikantDudhgaonkar

जिंदगी

जिंदगी जिंदगी नही है मायूसीके के लिए रंज अफसोस या शिकवोके लिए एक बहाव है ये एहसासो का महसुस करते गुजरना है कुछ हसीन पलोके सहारे दर्द भुलाते जाना है ©️ShashikantDudhgaonkar

बदलते एहसास

बदलते एहसास टहलते है दिन गुजरती है राते बदलते रहते है एहसास भी हमारे कल ऐशोआराम की ख्वाईशे थी आज दो गज जमिन का खौफ है ©️ShashikantDudhgaonkar

यारीदोस्ती

यारीदोस्ती थोडे है कुछ अपने यार जानते है जो अस्ल मेरी रोब झाडते होंगे वो रोज पता है मुझे असलियत उनकी होंगे उनके चेहरे शरीफ मै उनकी शरारत जानता हू सफेद चेहरेमे चुपी हर एक कालिख जानता हू गीले शिकवे की अब उम्र नही चंद लमहो की साथ सही अपनेपनका सुकून और बेशकिमती राहत भी … Read more

दो छोर

दो छोर सवाल हजार उठकर दिलमे सामने जो आ जाते है जवाब लाखो मुस्तैदीसे भागे चले आ जाते है यकीन अगर न होता उन पर वो कहते सवाल खरा नही फिर हम कुछ दिखाते है वो कुछ और दिखाते है हम इस छोर पर खडे है वो उस छोर की बाते करते है हम कहना … Read more